डोनाल्ड ट्रंप का ‘ईरान विजय’ दावा : मुख्य 10 बिंदु
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निर्णायक जीत का दावा: राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषणा की है कि पिछले चार हफ्तों में अमेरिकी सेना ने युद्ध के मैदान में “तेज, निर्णायक और भारी जीत” हासिल की है।
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‘काम पूरा करने’ का वादा: ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना ईरान में अपना काम “खत्म करने” (finishing the job) के बेहद करीब है और अगले 2-3 हफ्तों में सैन्य अभियान समाप्त हो सकता है।
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ऑपरेशन एपिक फ्यूरी: राष्ट्रपति ने बताया कि इस ऑपरेशन के तहत ईरान के मिसाइल उत्पादन केंद्रों, नौसेना और वायुसेना को लगभग पूरी तरह तबाह कर दिया गया है।
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परमाणु हथियार पर कड़ा रुख: ट्रंप ने स्पष्ट किया कि इस युद्ध का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल न कर सके। उन्होंने कहा, “अब केवल बातें नहीं, एक्शन का समय है।”
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क्षेत्रीय प्रभाव में कमी: दावे के अनुसार, ईरान के प्रॉक्सी समूहों (जैसे हिजबुल्लाह और हूतियों) को मिलने वाली मदद और ईरान की अस्थिर करने वाली क्षमता को काफी हद तक “नपुंसक” बना दिया गया है।
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ऊर्जा स्वतंत्रता पर जोर: तेल की बढ़ती कीमतों के बीच ट्रंप ने “ड्रिल बेबी, ड्रिल” नीति का बचाव किया और कहा कि अमेरिका अब मिडिल ईस्ट के तेल पर निर्भर नहीं है, बल्कि अपने सहयोगियों की मदद कर रहा है।
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हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz): ट्रंप ने शर्त रखी है कि युद्धविराम तभी होगा जब हॉर्मुज का रास्ता “पूरी तरह स्वतंत्र और साफ” हो जाएगा। फिलहाल ईरान ने इस रास्ते को ब्लॉक कर रखा है।
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पिछली नीतियों की आलोचना: ट्रंप ने पिछले राष्ट्रपतियों की नीतियों को गलत बताते हुए कहा कि वह उन गलतियों को सुधार रहे हैं जो पिछले 47 वर्षों से लंबित थीं।
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बाजार पर असर: ट्रंप के “अगले 2-3 हफ्तों तक कड़ा प्रहार जारी रखने” के बयान के बाद वैश्विक तेल की कीमतों में 4% का उछाल आया और एशियाई शेयर बाजारों में गिरावट देखी गई।
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सैनिकों की वापसी के संकेत: ट्रंप ने संकेत दिया कि जैसे ही रणनीतिक लक्ष्य पूरे होंगे, अमेरिकी सैनिक वापस घर लौट आएंगे, हालांकि अभी भी हजारों अतिरिक्त सैनिक क्षेत्र की ओर भेजे जा रहे हैं।


